रविवार, 23 अक्टूबर 2016

                  ~•~Tejaram®Winjravat~•~~•~ 

         ( Thankyou For the clike page)

        नाम ~                तेजाराम.............................
      
        जाती-                 गवारिया............................
        
      पिता जी ~         विराराम जी विंजरावत्त

   माता जी ~•~  गंगा देवी .............
         
        गोत्र-                विंजरावत्त ( परमार)

     कुलदेवी -           चांमुण्डा   ( चंण्डी )

    जन्म  ~     ३१ मई १९९३  ( सोमवार )

     जन्म स्थान ~   बिजापुर ( पाली )

त. बाली जि. पाली राजस्थान .....................

सम्पर्क सुत्र ~       mo- 9571010249

तेजाराम विंजरावत्त का जन्म  पाली जिले के बिजापुर गांव मे १९ मई १९९३ को हुआ बडे लाड प्यार के साथ पाल पोस कर शिक्षा हेतु प्राईमरी स्कुल ( मयुर पब्लिक स्कुल बिजापुर) मे अध्ययन  हेतु भेज दिया ! तेजाराम पढाई मे बहुत होशियार व चतुर थे ! तेजाराम के पिताजी मेवाड ( राजसम्नंद) मे कपडे का व्यवसाय करते थे !
तेजाराम ने मयुर पब्लिक स्कुल मे ५ कि पढाई के बाद कक्षा ६ मे सेवाडी स्कुल ' बाल निकेतन उच्च प्रा. विधालय मे प्रवेश लिया ! जहा बडे हि अच्छी शिक्षा प्राप्त कि ! गर्मी कि छुट्टियो के दोरान तेजाराम जब मेवाड स्थित राजसम्नंद के गजपुर प्रान्त मे पहली बार आए तो मेवाड ने तेजाराम का मन मोह लिया ! मारवाड से सिधे मेवाड के बिच बस मे तेजाराम ने तय कर लिया कि मेवाड मे हि बस जाना हे !
तेजाराम सन् १५ जुन २००७ मे गजपुर मे अपना निवास स्थान व अपने सभी जरुरी दस्तावेज बनवा लिए ! तेजाराम व उनके पिताजी विराराम जी के व्यवारिक प्रतिभा से गजपुर के निवासी बहुत प्रेम पुर्वक गांव मे  पिछले २५ बर्षो तक रह रहे हे

 तेजाराम विजंरावत्त को शुरु से हि संगित का शोक हे वो सन् २००८ से अपने पिताजी के साथ कपडे के व्यवसाय मे हाथ बटाने के साथ- साथ संगित कि शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हे गुरुदेव ( श्री भवरारामजी महाराज सिनली ' बाडमेर ) से तेजाराम ने दिक्षा ले कर अपने नव भविष्य को उज्जवल बना रहे हे !

राजस्थानी भजन ' गरबा , बाडमेरी हल्क , बॉलिवुड के सुर से मारवाड राजस्थान कि माटी कि महक को रंग से सरोबार करते हे ;

तेजाराम विजंरावत्त बहुत हि साधारण तरिके से जिवन व्यथित करते हे २२ अक्टुमबंर२०१६ को एक मुलाकात मे तेजाराम ने बताया कि हमे अपनी हेसियत कभी नही भुलनी चाहिए हम जो कुछ भी हे ' मां- बाप गुरु व परमात्मा के फलस्वरुप हे हमे अपने शरीर ( विचरण ) को बिलकुल सादे  लिबास मे रखना चाहिए !

जिन्दंगी कि सच्चाई यही हे " गिता जी " मे..........

दो शब्द तेजाराम जी कि ओर से............

प्रिय भाईयो मेरे जिवन के अंक को पढकर आपने मुझे जानने का प्रयास किया बहुत - बहुत धन्यवाद'...

.आप लोगो का प्यार मुझे ऐसे हि मिलता रहे " यही मे आशा करता हु ओर भगवान से आपकी उज्जवल भविष्य कि कामना करता हु ;

             ~•~•~•~तेजाराम विजंरावत्त ब्लाग~•~•~|~•
लेखक
दिनेश कुमार गवारीया
टापरा ' बालोतरा बाडमेर
अत: सभी गवारिया समाज ' बाली  बिजापुर. नाणा पिण्डवाडा. सिरोही . दत्ताणी. पाथावाडा गुजरात व सभी श्रेत्र से नवयुवक मणडल

~•~•~•~•~•~•~•~•~•धन्यवाद सा ~•~•~•~•~•~